1. स्पॉट मार्केट: लेन-देन तुरंत होते हैं, और डिलीवरी लगभग तत्काल होती है।
2. फ्यूचर्स मार्केट: अनुबंध भविष्य की तारीख पर निपटाए जाते हैं। खरीदार और विक्रेता एक निश्चित मात्रा में संपत्ति को भविष्य में पूर्वनिर्धारित मूल्य पर व्यापार करने के लिए सहमत होते हैं। जब अनुबंध निपटान तिथि पर समाप्त होता है, तो व्यापार आमतौर पर संपत्ति की डिलीवरी के बजाय नकद में निपटाया जाता है।